CORONA ने जिस्मफरोशी के बाजार को देशभर में किया Lock down



कोरोना की मार से देश का हर वर्ग परेशान
लोग रोज़गार नौकरी और व्यापार में उलझे....
एशिया की सबसे बड़ी जिस्म मंडी पर ताला लगा..... 
सोनाकाक्षी और कमाठीपुरा पर कोरोना का असर .....
लाखों की तादात में सेक्स वर्कर्स रहती हैं यहां 
लॉक डाउन के चलते सेक्स का बाजार हुआ ठंडा 
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन ने देश में रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। इसके चलते दुनिया ने देखा की कैसे दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों से रातों रात लोग पैदल ही पलायन करने को मज़बूर हो गए ... सभी राज्य सरकारों को मज़दूरों और दैनिक कामगारों के लिए आनन फानन में कई बड़े कदम भी उठाने पड़े लेकिन एक तबका ऐसा भी है जिसपर कोरोना की बड़ी मार पड़ी है जिसका जिक्र कहीं नहीं हो रहा है  और वो है देश भर मैं फैला देह व्यापार का कारोबार .... जी हाँ सेक्स वर्कर्स के भविष्य पर अब अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं....  उन्हें भुखमरी का डर सता रहा है..... भारत में कोरोना महामारी के कारण 24 मार्च से अगले 21 दिनों के लिए पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। इस महामारी ने जिसने सबसे अधिक प्रभावित किया है उसमें से देह व्यापार या सेक्स वर्क में शामिल लोग भी हैं। यह महामारी छूने से फैलती है ऐसे में इनके पास अब कोई नहीं जा रहा है...... दरअसल हमारे देश में सेक्स वर्कर और ट्रांसजेंडर लोगों को हमेशा से समाज द्वारा नजरअंदाज किया जाता रहा है। सामान्य हालत में भी इन्हें अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में इस संकट के समय तो इनका जीवन और भी कठिन हो गया है....... महाराष्ट्र के मुंबई में देह व्यापार के लिए मशहूर कमाठीपुरा की गलियां कोरोना वायरस के कारण वीरान पड़ी हुई हैं और वहां बतौर सेक्स वर्कर काम करने वाली हजारों महिलाओं के लिए हालात भयावह बनते जा रहे हैं...... आज कल कमाठीपुरा की सड़कें सुनसान पड़ी है...  यही हाल देश के अन्य रेडलाइट इलाकों का भी है...... इस तरह से एशिया की सबसे बड़े रेड लाइट इलाके उत्तर कोलकाता के सोनागाछी में भी सेक्स वर्कर्स को पता नहीं कि आगे क्या होगा। यहां एक लाख से ज्यादा सेक्स वर्कर्स के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं.... इसी तरह दिल्ली जीबी रोड की हज़ारों सेक्स वर्कर के समाने खाने का संकट खड़ा हो गया है। इस पूरे इलाके में कई बहुमंजिला इमारतों में हज़ारों सेक्स वर्कर काम करती हैं...... आमतौर पर हमारा समाज इन्हें हीन भावना से देखता है लेकिन यह भूल जाते हैं कि यह भी हमारे समाज में रहते हैं। पूरे देश में लाखों की संख्या में रहने वाली सेक्स वर्कर बिना किसी अधिकार के समाज की धिक्कार झेलते हुए किसी तरह से जी रही है।सेक्स वर्कर के लिए काम करने वाले लोगों का कहना है कि सरकारों को चहिए कि इनकी तुरंत मदद करें। सेक्स वर्कर को असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों को मिलने वाले सभी लाभ दिए जाएं। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को आदेश दिया जाए कि इनके खाने और स्वास्थ्य की व्यवस्था करें.....फिलहाल इतना तो सच है कि भारत में वेश्यावृत्ति का बहुत बड़ा बाजार मुम्बई दिल्ली कोलकाता और तमाम बड़े शहरों में साल दर साल गुलज़ार रहता है लेकिन ये कोरोना का जानलेवा खौफ ही है जिसने बदनाम ही सही बहुत ज्यादा और बहुत मज़बूर महिलाओं के सामने रोजीरोटी का संकट ज़रूर खड़ा कर दिया है।
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